Sunday, May 9, 2010

MAMAJI (मामाजी)

MAMAJI (मामाजी )

Writer(s) - Harvind Maakad , 
Illustrator(s) - N.S.Dhammi Art Group


Mamaji (मामाजी) was one of the popular and chief characters of Nutan Chitrakatha (later Nutan Comics). The character of Mamaji is represented as an old man with white hair and big mustache. But at the downhill of the age he is still a strong man ready to serve the nation and its people against the evils of the society. 


A true social reformer and former freedom fighter, Mamaji hates crime and criminal most in the world and he could go to any distance to punish them, but in the limit of the law.


Mamaji's real name is Somdutt. In the childhood he was called as 'Somu' but later everyone started calling him Mamaji with due respect. 

मामाजी नूतन चित्रकथा (बाद में नूतन कॉमिक्स) के प्रसिद्ध एवम प्रमुख किरदारों में से एक थे. मामाजी के चरित्र को सफ़ेद बालों तथा बड़ी-बड़ी मुछों वाले एक बुजुर्ग के रूप में चित्रित किया गया है. परन्तु उम्र के इस ढलान पर भी वो एक तंदरुस्त पुरुष हैं जो समाज में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध, देश और उसके निवासियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं.
एक सच्चे समाज सुधारक और भूतपूर्व स्वतंत्रता सेनानी, हमारे मामाजी दुनिया में सबसे ज्यादा अपराध और अपराधियों से नफ़रत करते हैं. और उन्हें सजा दिलाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं, परन्तु क़ानून के दायरे में रहकर...
मामाजी का असली नाम सोमदत्त हैं. बचपन में लोग उन्हें सोमू कहकर बुलाते थे. परन्तु बाद में अपनेपन व सम्मान के कारण लोग उन्हें मामाजी कहकर पुकारने लगे. 


The stories of Mamaji contains a great sense of humour along with the action. In his stories he is assisted by Yaangu and Nanhe Miyaan. Their introduction is given below - 
मामाजी की कहानियों में एक्सन के साथ हास्य-व्यंग का भी पुट रहता हैं. उनके कारनामों में उनके साथ यांगू और नन्हे मियाँ रहते हैं. उनका परिचय नीचे उनके चित्रों के साथ दिया गया है... 

 
Yaangu (यांगू) - Yaangu is a habitant of Bakaalu Tribe, a fictional tribe of India. He is very jolly in nature but expert in the deadly art of fighting. He is the right hand of Mamaji when fighting against the unwanted citizen of the society.
यांगू, बकालू कबीले का निवासी है जो की भारत में स्थित एक काल्पनिक काबीला है. वैसे तो स्वाभाव से वह बहुत ही हसमुख है, परन्तु लड़ाई की कला में माहीर. समाज के अवांछित निवासियों के खिलाफ मामाजी के लड़ाई में वह उनका दाहिना हाथ होता है.


Nanhe Miyaan (नन्हें मियाँ) - The nephew (Bhanja) of Mamaji. A numero uno menace always ready for mischief. His two very long teeth makes this character's appearance loveable. 
नन्हे मियाँ मामाजी का भांजा है. एक नंबर का शैतान यह हमेशा शरारतों के लिए तैयार रहता है. उसके सामने के निकले हुए बड़े-बड़े दांत इस चरित्र को एक मजाकिया रूप देते हैं. 


PUBLISHED COMICS -
As Mamaji was very popular character. there were a lot of comics published of him. But even though Nutan Chitrakatha is very hard to find now-a-days, I have managed to get a decent list of his comics ... (Now I need your help to complete the list, please do your share)
देते मामाजी नूतन चित्रकथा के लोकप्रिय चरित्र थे, अतः उनकी अनेक कॉमिक्स प्रकाशित हुयी थी. परन्तु नूतन चित्रकथा वर्तमान में प्राप्त करना मुश्किल है, फिर भी उनके प्रकाशित कॉमिक्स की एक लम्बी सूची तैयार कर सका हूँ, (अब आपकी मदद की आवश्यकता है, इसे पूरा करने में...)  
  • Mamaji aur Jaali Note (मामाजी और जाली नोट)
  • Mamaji aur Kankalon Ka नाच (मामाजी और कंकालों का नाच)
  • Mamaji aur Paap Ka Ghada (मामाजी और पाप का घड़ा)
  • Mamaji aur Daaku Khurrat Singh  (मामाजी और डाकू खुर्राट सिंह)
  • Mamaji aur Murti Chor (मामाजी और मूर्ती चोर)
  • Mamaji Kismat Ke Chakkar Mein (मामाजी किस्मत के चक्कर में)
  • Mamaji aur Nirdayi Jamindaar (मामाजी और निर्दयी जमींदार)
  • Mamaji aur Ulti Ganga (मामाजी और उलटी गंगा)
  • Mamaji aur Ridaku Raam (मामाजी और रिडकू राम) 
  • Mamaji aur Chugalkhor (मामाजी और चुगलखोर)
  • Mamaji aur Nishanebaaj (मामाजी और निशानेबाज)
  • Mamaji aur Pitpita Hotel (मामाजी और पिटपिटा होटल)  
  • Mamaji aur Raavan Leela (मामाजी और रावण लीला)
  • Mamaji aur Dracula (मामाजी और ड्राक्युला )
  • Janpriya Mamaji (जनप्रिय मामाजी)
  • Mamaji aur Lala Katoramal (मामाजी और लाला कटोरामल)
  • Mamaji ke karnaame  (मामाजी के कारनामे)*
  • Mamaji aur Bakaalu Kabeela  (मामाजी और बकालू कबीला)*
  • Mamaji aur Holi Ka Hungama  (मामाजी और होली का हंगामा)*
  • Mamaji aur Kali Billi  (मामाजी और काली बिल्ली)* 
* Above four titles were provided by Kuldeep.

7 comments:

kuldeepjain said...

i am missing name of first comic of mama ji. i think it was named 'mama ji ke karname 'or so.. but other 3 comics were 'mama ji aur - bakalu kabeela, holi ka hungama, kali billi

Comic World said...

अनुपम भाई,सचमुच सहेजने योग्य जानकारी दे रहे हैं आप प्रत्येक पोस्ट के साथ.नूतन चित्रकथा से मेरा कोई ज़्यादा वास्ता नहीं पड़ा क्योंकि मुझे भूतनाथ,बैटमैन और वेताल की घटिया नक़ल होने की वजह से कभी भी बहुत पसंद नहीं आया,दूसरा वजह,उसकी चित्रकारी(धम्मी) का भी निम्नस्तरीय होना रहा.
मामा जी की मुझे याद नहीं की मैंने कोई कॉमिक पढ़ी भी होगी,बहरहाल,आप अगर इनकी कोई कॉमिक पोस्ट करते हैं तो पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर पेश करूँगा.

Anupam said...

कुलदीप - आते रहा करो भाई, काफी दिनों के बाद आपके विचार जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. आपके कमेन्ट न सिर्फ उत्साहजनक होते हैं बल्कि साथ ही साथ जानकारीयों से परिपूर्ण भी. उम्मीद करता हूँ आप यूँ ही अपना योगदान देते रहेंगे इस ब्लॉग को बेहतर बनाने में...

मामाजी के कॉमिक्स के नामों के लिए अतिरिक्त धन्यवाद

Anupam said...

जहीर भाई - आप तो खुद ही कॉमिक्स कलेक्टर हैं, आप का खुद का ज्ञान ही काफी है, यह तो बस एक छोटी सी कोशिश है.

रही बात नूतन चित्रकथा की तो आपका विचार गलत नहीं है. विचित्र से कपडे में भूतनाथ खुद मुझे हीरो कम जोकर ज्यादा नजर आता है, पर उसकी कहानियां खराब नहीं होती. और रही बात धम्मी जी की चित्रकारी का तो वो वाकई में प्राण जी के स्तर से बेहद नीचे है परन्तु फिर भी मुझे पसंद है, क्या करें कभी कभी ऐसा हो जाता है.

वैसे भी नूतन चित्रकथा में हास्य- व्यंग के किरदार मुझे पसंद हैं, भले ही उनमे बेहद समानता हो. पर आप मेघदूत अवश्य पढ़े, साथ ही नूतन के राजा-रानी वाले या नैतिक शिक्षा वाली कॉमिक्स, आपको जरूर पसंद आएगी.

अंत में - मामाजी की कॉमिक्स की बात, तो वो तो कबसे अपलोड कर रखी है, यहाँ से आप पोस्ट पढ़ सकते हैं.

http://anupam-agrawal.blogspot.com/2008/08/nutan-chitra-katha-166-janpriya-mamaji.html

kuldeepjain said...

चित्रकारी निम्नस्तरीय ( जैसे शेखचिल्ली) होने के साथ साथ संवाद लेखन भी काफी घटिया था और कहानी और पिक्चर के बीच कभी अच्छा तालमेल नहीं रहा.( जैसे बकालू कबीला ) पर जैसा हम लोग विचार कर चुके है की नूतन बाजार में आया सिर्फ कॉमिक्स बाजार के उठान के कारण. उसका इरादा एक पहचान बनाने का नहीं था.
पर कई कहानिया बेहद शानदार थी. भूतनाथ की कहानी विजेता भूतनाथ, वचन की लाज आज भी दिमाग में बैठी हुई है.भाग्य का खेल भी एक अच्छी कहानी थी.
मेघदूत मुझे कभी पसंद नहीं आया . छुटकी अब लगता है की अंग्रेजी कॉमिक little lulu की कॉपी था.
अमर अकबर के कारनामे खाम खा के बनाये गए थे. पापी धर्मात्मा , खुनी हवेली कुछ ठीक थी.
सॉरी एक सेकंड मुझे लगा की मै फिर पुरानी दुनिया में चला गया सारी पुरानी कहानिया दिमाग में तैरने लगी.

Anupam said...

कुलदीप - आपकी बातों से कुछ हद तक मैं भी सहमत हूँ, पर फिर भी नूतन चित्रकथा का अपना एक वजूद था, भले ही उसकी चित्रकारी वास्तव में निम्न स्तरीय थी, पर कहानियों ने कई कॉमिक्स को संभाला था.


इस सन्दर्भ में गोयल, परंपरा , दुर्गा कॉमिक्स आदि का नाम मुख्य रूप से लेना चाहूँगा, जिनके आने का कोई अर्थ ही समझ में नहीं आया मुझे. बहरहाल आपसे इसी तरह सहयोग चाहूँगामैं.

Comic World said...

कुलदीप भाई से सहमत हूँ मैं की 'नूतन,परंपरा,दुर्गा,किंग' आदि प्रकाशन सिर्फ बहती गंगा में हाथ धोने के इरादे भर से ही प्रकाशन दुनिया में कूदे थे,नाम कमाने जैसा कोई इनका मतलब नहीं था.मुझे याद है की भूतनाथ मुझे कभी भी प्रभावित नहीं कर पाया था,चूँकि मैं कहानी के साथ चित्रों पर भी काफी बारीक नज़र रखता था और इस कसौटी पर नूतन चित्रकथा कभी भी खरी उतरती प्रतीत नहीं हुई.हाँ,पर ऐसा होता है की जो कॉमिक्स हमने बचपन में पढ़ी होती हैं उनका प्रभाव अवचेतन मन पर हमेशा ही बना रहता है चाहे उनका स्तर जो भी रहा हो.
'मामा जी' की कॉमिक का लिंक काम नहीं कर रहा है,कृपया उसे सुधार दें.