Saturday, April 16, 2011

हुसैन ज़ामिन जी

 
कुछ दिनों पहले फेसबुक में भारतीय चित्रकथाओं के एक महान शख्शियत से बात करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. उनके बेमिसाल कला का तो मैं प्रशंसक था ही, उनका दोस्ताना व्यवहार देखकर उनके प्रति मन में सम्मान और भी बढ़ गया. मैं भारतीय कॉमिक्स के बेहतरीन चित्रकार श्री हुसैन ज़ामिन जी का जिक्र कर रहा हूँ. 

हुसैन ज़ामिन जी ने अनेक चरित्रों को कॉमिक्स के पन्नों पर जीवंत किया है, परन्तु उनके दो सदाबहार चरित्र रहे हैं - मधु मुस्कान में प्रकाशित जासूस बबलू ( बबलू की कहानियाँ एच.आई. पाशा जी लिखते थे) और सागर-सलीम (मनोज चित्रकथा में प्रकाशित जिसे अंसार अख्तर साहब ने अपनी लेखनी से संवारा था )

ज़ामिन जी के बारे में कुछ बातें
हुसैन ज़ामिन जी का का जन्म 02 अक्टूबर 1952 को बम्बई (अब मुंबई) में हुआ था. इनका  पूरा नाम हुसैन ज़ामिन ज़ैदी है. हुसैन साहब के एक शानदार आर्टिस्ट बनने में उनके बड़े भाई साहब श्री मोहम्मद ज़ामिन ज़ैदी की प्रेरणा का बहुत बड़ा हाथ है. 

हुसैन ज़ामिन जी का बचपन मनमाड में बीता और चित्रकारी का यह शौक इसी दौरान अंकुरित हुआ. ज्यादातर कलात्मक प्रतिभाओं की तरह  ज़ामिन जी को पदाई से कुछ नफरत सी रही और खेलों में भी दिलचस्पी नहीं के बराबर थी. स्कूल के दौरान खेल पीरियड में फ़ुटबाल टीम में भी इनका नाम अंत में जबरदस्ती आता था.
अपनी खेल प्रतिभा का परिचय जामिन जी कुछ यूँ देते हैं - 
"फ़ुटबाल की जिस टीम के मैं पल्ले पड़ता था, वह टीम अपना आत्मविश्वास खो बैठती थी." 
 हम तो उनकी शानदारी चित्रकारी के फैन हैं, और उनका नाम देखकर हमारा तो कॉमिक्स के प्रति विश्वास और गहरा ही होता है. तो बात करते हैं उनके कार्यों की - 
हुसैन ज़ामिन जी की सबसे पहली चित्रकथा 1975 में फिल्म फेयर  पत्रिका में प्रकाशित हुयी थी. जो भारतीय सिनेमा के इतिहास की कालजयी फिल्म 'शोले' की पैरोडी थी. इसकी कहानी उनके बड़े भाई साहब ने लिखी थी. जहां तक रही बात प्रथम पूर्ण चित्रकथा/कॉमिक्स की तो 'गौरव गाथा' नामक कॉमिक्स प्रकाशन में 'वीर सावरकर' से इस गौरवपूर्ण अध्याय की शुरुआत हुयी. उसके बाद तो यह सिलसिला चलता रहा अपनी पूरी क्रांति के साथ, तब तक, जब तक भारतीय चित्रकथाओं के सूर्यास्त का समय नहीं हो गया. (मेरे नजरिये से तो 'सूर्यास्त' ही सहीं शब्द है, क्योंकि बाद में और वर्तमान में भारतीय चित्रकथाओं के इस अन्धकार में जो गाहे-बगाहे कॉमिक्स आ जाती हैं, वो केवल धीमी रौशनी देने वाले तारे है, उनमें न तो वो प्रकाश है और न ही वह तेज' बस इस अँधेरे को कुछ देर के लिए दूर करने की कोशिश करके वो भी हार मान लेते है. )

हुसैन ज़ामिन जी ने रिपोर्टर कलमदास, जासूस बबलू, सागर-सलीम जैसे अधिक लोकप्रिय चरित्रों के साथ छोटे साहब, जासूस डमडम, शक्तिमान, जिन और जानी आदि चरित्रों को भी कॉमिक्स के पन्नो में जीवित किया है. लेकिन जहां तक उनके खुद के पसंद की बात हैं तो उन्हें आर्ची, डोनाल्ड डक,  मिकी माउस, फैंटम,  रिप किर्बी, फिल कोरिगन, सुपरमैन, टिन-टिन आदि बेहद पसंद हैं. 

और हमारे कॉमिक्स के शौक को पूरा करने वाले हुसैन जी का शौक - खाना और सोना, और आजकल फेसबुक भी. (ठीक कहा न ज़ामिन सर) फिलहाल वे नोयडा, यू.पी. में रहते हैं.

यह तो है वो जानकारी जो मुझे प्राप्त हुयी हैं, परन्तु अभी तो उनके बारे में बहुत कुछ जानना है, ज़ामिन साहब आशा है आप यह आर्टिकल पढ़ रहे होंगे तो आप भी कुछ रौशनी डालकर मुझे और बाकी कॉमिक्स प्रेमियों पर थोड़ी इनायत बरसायें.

12 comments:

akfunworld said...

Anupam ji Husain Zamin ji ke liye jaankaari dene ke liye bahut bahut dhanyavad. Ye apne achaa kiyaa ki yaha pe ab comics ke artists ka bhi parichay dena shuru kiya, kyonki comics ka ek complete encyclopedia banane ke liye hame sirf comics publications ki hi nahi balki hamare artists ki bhi jaankari yahaan save karni hogi.
Ek bar fir se ICE project pe naya post padh ke achaa laga.

faisal said...

shkriya anumap bhai itni acchi post ke liye...aage bhi aap aise hi likhte rahiye yahi main ummid aapse karta hun... :)

harvinder said...

zamin sahib na kewal ek behad umda kalakar hein balki ek shanadar person bhi hein..mujhe sobhagey hai ki unke sath mere dostana sambandh hein..or mera param sobhagey hai ki wo mere sam kaleen cartoonist hein..god unko tarakkide..or hme unki kla se rubru hone ka shandar moka milta rhe.. HARVINDER MANKKAR [www.theartstudio.biz]

Anupam said...

Apology for my late reply
Akfunworld - Welcome Bhai, I have been thinking to post details on our beloved writers for a long time, but it is hard to get a decent amount of details to post on them. Thankfully I got some info about him in Nanhey Samrat Magazine. Also the two above photographs were provided by Mr. Hussain Zamin himself.

I will try my best to post on our respected artists in the future too.

Anupam said...

Faisal - Bhai, aap ke saath main bhi yahi ummeed karta hoon ki aage mujhe aise post likhne ke liye materials aur jankariyaan milti rahein. aur aap yuhi aate rahe aur apne comment se hausla badate rahein.

Anupam said...

HARVINDER MANKKAR - Sir, this is the first time the ICE Project has got a comment from a great artists who have made our childhood more beautiful.

Sigh, I miss those old golden days.

I hope that one day I will make a great post on you too sir. Only I am looking forward for free time and your co-operation.

Thanks for the comment. Keep visiting.

aditya M said...

Amazing artist...
great article

Arent they active now ?

Comic World said...

अनुपम भाई न जाने कैसे ज़ामिन साहब के बारे में आपका लेख नज़र में आने से रह गया,वो तो आज यूँही आपकी गली(ब्लोग्स) में टहलते-टहलते नज़र पड़ गयी.
खैर,ज़ामिन साहब की कला का मैं भी मुरीद हूँ और सही मायनों में मैंने चित्रकार को पहचानना मधुमुस्कान में इनके चरित्रों 'जासूस बबलू,कलमदास,शक्तिमान' इत्यादि के बाद ही शुरू किया था.'बबलू' और उसके बाद खासतौर से मैं कलमदास का प्रशंसक था,इनके चित्र बेहद सरल और आकर्षक हुआ करते थे और फ़िल्मी हस्तियों के चित्र इनकी खासियतों का उजला पहलु था.
अभी हाल में ही इन्हें दिल्ली की किसी कॉमिक/कार्टून संस्था द्वारा lifetime achievement सम्मान से नवाज़ा गया है जो निश्चय ही एक यथोचित और प्रशंसनीय कदम है.ज़ामिन साहब,जो एक बेहद सरल और मिलनसार व्यक्ति हैं,आजकल फेसबुक पर काफी सक्रिय रहते हैं और इनसे अक्सर गुफ्तगू इसी माध्यम के ज़रिये होती रहती है.
कॉमिक्स की दुनिया से जुड़े कलाकारों की कला और जीवन पर प्रकाश डालती ऐसी लेखमाला श्रृंखला का स्वागत है,आशा है भविष्य में आप इसे जारी रखेंगे.

Anupam said...

इन गलियों में आपका सदैव स्वागत हैं जहीर भाई. जामिन जी के शानदार चरित्र और उनकी लोकप्रियता उनकी कला का सम्मान स्वयं करते नजर आते हैं, वो तो कुछ दिन पहले उनसे FACEBOOK पे बात हुयी और बस दिन में उनपर कुछ लिखने का ख्याल आया, कुछ जानकारियाँ तो थी ही कुछ नया पता करके ये आर्टिकल लिख बैठा. वैसे इरादा तो उनके चरित्रों के चित्र लगाने का भी था पर फिर पता नहीं क्यों ....
रही बात पुरस्कार की तो उसके लिए उन्हें हार्दिक बधाई, परन्तु खेद इस बात का कि हमारे देश में कॉमिक्स के महान व्यक्तित्वों को कभी भी अन्य विधाओं के लेखकों की तरह सम्मान प्राप्त नहीं हुआ (यही हाल हमारे पल्प (लुगदी) साहित्य कहे जाने वाले महान उपन्यासकारों का भी रहा) जो कि मन को दुखी सा कर देता है.

Comic World said...

शुक्रिया अनुपम भाई,जी हाँ आपका कहना दुरुस्त है की लुगदी और कॉमिक से जुडी हस्तियों के सम्मान के बाबत बिलकुल नहीं सोचा जाता है और वो इसलिए क्योंकि हमारे यहाँ कॉमिक्स सिर्फ बच्चो के लिए बेकार सी चीज़ करार दे दी गयी है जो उन्हें सिर्फ छुट्टियों में पढ़नी चाहिए और लुगदी साहित्य निठल्ले और बेकार लोगों के पढ़ने की चीज़ है जिसका लेखक अपने पाठकों से भी ज़्यादा निठल्ला समझा जाता है तो फिर भला उसका सम्मान क्योंकर किया जाये!
ज़ामिन साहब पर मैं भी काफी समय से कुछ लिखने की सोच रहा था पर अपने तेज़ी से बदलते हुए मूड की वजह से उसे योजनाबंदी की हदों से ऊपर न ले जा सका,और इसी दौरान आपके ज़ामिन साहब पर चंद अल्फाजों से वाबस्तगी हुई और पढ़कर अच्छा लगा की चलिए कम से कम आपने तो इस अज़ीज़ कलाकार को वो इज्ज़त बख्शी जिसके लायक यह शख्स कबसे है.

Husain Zamin said...

बेहद रोचकता से आपने दोस्तों से मेरा परिचय कराया, अनुपम अग्रवाल जी....हार्दिक आभार !
इससे आगे की दास्तान अब मुझसे सुनिए ...सुनके सबके दिल झूम जायेंगे ....यह तो था एक कॉमिक आर्टिस्ट का परिचय ...जो 1992 तक रहा ,,,इसके बाद जब टीवी पर अनेक कार्टून चैनल्स ने कॉमिक्स के व्यवसाय को कम कर दिया तो मैं ने अपना रुख स्कूल बुक्स का चित्रण करने की ओर कर लिया, जो आज तक जारी है .
इसके अलावा विज्ञापन एजेंसियों में स्टोरी बोर्ड बना रहा हूँ...कुछ वेबसाइट्स के लिए भी चित्रण कर रहा हूँ जैसे ...
www.asktenali.com और www.cinebunny.com

Husain Zamin said...

बड़ी ही रोचकता से आपने दोस्तों से मेरा परिचय कराया, अनुपम अग्रवाल जी . हार्दिक आभार !
1992 के बाद बेशुमार कार्टून चैनल्स ने कॉमिक के व्यवसाय को लगभग ख़त्म ही कर दिया था . फिर मैं स्कूल बुक्स के चित्रण करने लगा जो आज तक कर रहा हूँ...साथ ही विज्ञापन एजेंसियों के लिए स्टोरी बोर्ड भी बना रहा हूँ . आज कल तो मैं websites के लिए भी चित्रण कर रहा हूँ जैसे ...
www.asktenali.com
और
www.cinebunny.com