दोस्तों,
सालों के इंतज़ार के बाद एक मनचाही मुराद पूरी हुयी, मेरे बेहद प्रिय चित्रकार दिलीप कदम जी के इस चित्र के द्वारा. उनके बारे में जानने की बेहद इच्छा हमेशा से रही. उनको समर्पित एक लेख जल्द ही यहाँ प्रस्तुत करूँगा, जिन्होंने अमर चित्र कथा के लिए महाभारत जैसे विशालतम चित्रकथा के पूरे ४८ अंकों को अकेले अपनी चित्रकारी के हुनर से सजीव किया, तुलसी रामायण के ५ भागों में जान डाली तो भागवत गीता के ९ अंको को अमर कर दिया. राज कॉमिक्स के महाबली भोकाल को शानदार चित्रों से सजाया और अनेक चित्रकथाओं को इनायत बख्शी.
फिलहाल तो उनके द्वारा प्रदत्त यह चित्र प्रस्तुत कर रहा हूँ.

1 comments:
mahabharat only got 42 titles,
not 48....!!
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